जमीर का सौदा करना पड़ा


hindi sex story, kamukta मेरी शादी को 15 वर्ष हो चुके हैं और इन 15 वर्षों में मैंने बहुत ज्यादा मेहनत की है लेकिन मैंने कभी भी अपने परिवार को पैसे की कोई दिक्कत नहीं होने दी और मैंने उनकी हर एक इच्छा पूरी की। मैं किराए के घर में रहता था मेरे साथ मेरे माता-पिता भी रहते हैं मेरे पिताजी की तबीयत ठीक नहीं रहती है इसी वजह से हम लोगों को बहुत ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा मेरे पिताजी का काफी बड़ा कारोबार था परंतु जब उनकी तबीयत खराब हुई तो उनकी तबीयत ठीक करने के चलते सारा पैसा उन पर ही लग गया जिस वजह से हम लोगों की स्थिति खराब हो गई और मुझे भी उस वक्त पढ़ाई छोड़नी पड़ी जब मैं कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था तो मुझे कॉलेज छोड़ना पड़ा और आधे में ही नौकरी करनी पड़ी लेकिन मैंने उसके बाद कभी भी मुड़ कर नहीं देखा चाहे कितनी भी तकलीफ होती मैं उसे हंसकर टाल दिया करता। मेरे पिताजी की तबीयत अभी ठीक नहीं थी उनकी दवाइयों का खर्चा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा था परंतु फिर भी मैं हमेशा ही उन्हें खुश रखने की कोशिश करता, मेरी मम्मी मुझे हमेशा कहती कि बेटा तुम ने बहुत मेहनत की है मेरी पत्नी प्रिया भी मुझसे बहुत प्यार करती है।

एक दिन मैंने अपनी पत्नी प्रिया से कहा कि मैं सोच रहा हूं कि हम लोग अपना घर ले लेते हैं, वह कहने लगी कि हम लोग घर तो ले लेंगे लेकिन क्या हम लोग उसकी किस्त समय पर भर पाएंगे, मैंने प्रिया से कहा हम लोग कोशिश तो कर ही सकते हैं क्या पता हम लोगों को कामयाबी मिल जाए। इसके चलते मैंने हिम्मत करते हुए एक घर देख लिया और उस घर को मैंने ले लिया मैंने बैंक से कुछ पैसे लोन के तौर पर लिए थे जब हम लोगों ने उस घर में रहना शुरू किया तो मेरी मम्मी मुझे कहने लगी दीपक तुमने बहुत मेहनत की है और मेरी नजरों में तुम दुनिया के सबसे अच्छे लड़के हो, मेरी मां ने मेरे सर पर हाथ फेरते हुए कहा बेटा तुम्हें कभी भी कोई परेशानी ना आए मैंने अपनी मां से कहा देखो मां पिताजी ने भी मेरे लिए बहुत कुछ किया है वह तो उनकी तबीयत ठीक नहीं रही नहीं तो हम लोग आज पूरी तरीके से संपन्न होते हैं परंतु समय को जो मंजूर था वही हुआ खैर यह बात छोड़ो मैंने अपनी मां से कहा आपको कभी भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

जब तक मैं काम करने में सक्षम हूं तब तक मैं काम करता रहूंगा और इसी बात से मेरी मां बहुत भावुक हो गई और वह कहने लगी बेटा तुम जब छोटे थे तभी तुम पर पूरी जिम्मेदारी आ गई इस वजह से तुमने काम करना शुरू कर दिया, मैं जब भी तुम्हें देखती हूं तो मुझे बहुत बुरा लगता है क्योंकि तुम पढ़ने में भी अच्छे थे परंतु तुम्हें शायद वह मुकाम हासिल नहीं हो पाया जो तुम्हें मिलना चाहिए था, मैंने अपनी मां से कहा मां जो होना था वह तो हो चुका है मेरी शादी भी हो चुकी है और बच्चे भी हो चुके हैं और मुझे प्रिया के रूप में एक अच्छी पत्नी भी मिली है जो कि मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करती है और मेरा ध्यान भी रखती है, मेरी मां के कहने लगी तुम दोनों के चेहरे पर खुशी देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है और मुझे वह दिन याद आते हैं जब तुम्हारे पिताजी और मैं बिल्कुल तुम दोनों की तरह ही रहा करते थे हम दोनों के बीच कभी भी कोई झगड़े नहीं होते थे और तुम्हारे पिताजी तो मेरा बहुत ध्यान रखते थे, मैंने अपनी मां से कहा पिताजी तो बहुत ही अच्छे हैं और उनके जैसा व्यक्तित्व का होना मेरे लिए भी अच्छा है क्योंकि उन्होंने मुझे जो सिखाया था वही शायद आज मेरे काम आ रहा है। मैंने अपनी मां से कहा कि मैं अभी चलता हूं मुझे जल्दी काम पर पहुंचना है मैं शाम को लौटूंगा। मैं अपने काम पर निकल पड़ा मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था कुछ समय तक तो चलता रहा लेकिन धीरे धीरे मेरी स्थिति और खराब होती चली गई और मुझे इस बात का भी दुख होने लगा कि मैंने अपना नया घर लेकर शायद गलती कर दी क्योंकि उसकी किस्त चुकाना मेरे लिए मुसीबत बन चुकी थी परंतु जैसे-तैसे मैं मकान की किस दे रहा था और धीरे धीरे मेरे ऊपर ज्यादा भोज पढ़ने लगा लेकिन फिर भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और मैं मेहनत करता रहा परंतु एक बार मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो गया जिसकी वजह से मैं पूरी तरीके से निराश हो गया मुझे अब यह भी चिंता थी कि मैं अपने परिवार को लेकर कहां जाऊंगा क्योंकि ना तो मेरे पास कोई और रास्ता था और ना ही मेरे पास अब पैसे बचे हुए थे।

मैंने उस वक्त सोचा कि मुझे क्या करना चाहिए, तब मैंने अपने मकान को बेचने के बारे में सोचा मैंने एक दो लोगों से अपने मकान को बेचने की बात की और वह लोग देखने भी आए लेकिन उन लोगों ने मुझे वह दाम नहीं दिया जो मैं चाह रहा था इसलिए मैंने घर को बेचने का फैसला फिलहाल छोड़ दिया था मेरे पास एक दो महीने तक तो थोड़े बहुत पैसे थे जो मैं अपने घर का खर्चा चला सकता था लेकिन उसके बाद शायद मेरे भी बस की बात नहीं थी इसलिए मैं बहुत ज्यादा टेंशन में हो गया और उस वक्त मुझे मेरे एक पुराने दोस्त का साथ मिला उसने मुझे बताया कि वह अब एक बड़ी दवाई कंपनी का मालिक है, जब उसने मुझे यह बात बताई तो मैं चौक गया मैंने उसे कहा कि मेरी स्थिति तो बहुत बुरी हो चुकी है मैंने उसे कहा कि मुझे तुमसे कुछ पैसों की मदद चाहिए उसने मुझे उसी वक्त पैसे दे दिए, मैंने उसे कहा मैं कुछ समय बाद तुम्हारे पैसे लौटा दूंगा क्योंकि मैं बहुत ज्यादा स्वाभिमानी हूं और मैंने जिससे भी पैसे लिए हैं मैंने उसके पैसे समय पर लौटा दिए हैं इसलिए मैंने अपने दोस्त के पैसे समय पर लौटाने की सोच ली, मेरे दोस्त का नाम रजत है।

रजत और मैं साथ में कॉलेज में पढ़ा करते थे लेकिन मुझे नहीं पता था कि रजत इतना बड़ा आदमी बन जाएगा रजत ने बहुत मेहनत की है, उसने मेरा मुसीबत के समय में साथ दिया इसलिए मैं उसका बहुत ही ज्यादा शुक्रगुजार था। मैंने रजत को एक दिन अपने घर पर बुलाया जब उसने मेरे परिवार को देखा तो वह मुझे कहने लगा यार तुम्हारी स्थिति वाकई में खराब हो चुकी है पहले तो तुम्हारी स्थिति ठीक थी लेकिन अब तुम्हारी स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब हो चुकी है। मैंने अपने दोस्त से उस वक्त मदद ली तो मुझे कुछ राहत मिली लेकिन मुझे मेरे घर का कोई खरीदार नहीं मिल रहा था जिससे कि मैं रजत के पैसे लौटा पाता इसलिए मुझे बहुत चिंता होने लगी थी और एक दिन मैंने सोचा कि क्यों ना मैं रजत से इस बारे में बात करूं, जब मैंने रजत से इस बारे में बात की की यार मुझे अपने घर को बिकाना है तो रजत मुझे कहने लगा कि तुम्हारा दिमाग तो सही है तुम यदि घर बेच दोगे तो तुम कहां रहोगे, मैंने रजत से कहा मुझे तुम्हारे पैसे भी तो लौटाने है, रजत मुझे कहने लगा देखो दीपक मेरे पास सब कुछ है मैंने तुमसे पैसे के लिए अभी तो नहीं कहा कि तुम मुझे आज ही पैसे लौटा दो जब तुम्हें लगे कि तुम्हें पैसे लौटा देना चाहिए तो तुम उस वक्त मुझे पैसे लौटा देना लेकिन तुम अपने घर को मत बेचो यदि तुम अपने घर को बेच दोगे तो तुम्हारे सर से छत भी छीन जाएगी उसके बाद तुम कहां जाओगे, तुम्हारे पीछे तुम्हारे बच्चे और तुम्हारे बूढ़े माता-पिता भी तो हैं उनकी देखभाल भी तो तुम्हें ही करनी है यदि तुम उनकी देखभाल नहीं करोगे तो कैसे चलेगा वह लोग भी तो तुम्हारे भरोसे ही हैं, मैंने उससे कहा यार रजत मैं बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूं वाकई में मेरे पास कुछ भी नहीं बचा मैं पूरी तरीके से खत्म हो चुका हूं। मैं अपने दोस्त रजत के पैसे नहीं चुका पा रहा था मेरे ऊपर दिन-ब-दिन दबाव आता जा रहा था।

मैंने अपना कर्ज अपने सर से उतारने की ठान ली थी इसके लिए मैंने एक व्यक्ति से संपर्क किया मुझे पहले तो यह सब बुरा लगा लेकिन मुझे अपने जमीर को मारते हुए यह सब करना पड़ा। मैंने उस दिन एक महिला गया मैं जब उस महिला के पास गया तो वह सिर्फ मुझसे सेक्स की उम्मीद लेकर बैठी थी और मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी। उसने जैसे ही मुझे अपने कमरे में बुलाया तो मैं उसके बेडरूम में चला गया उसने मुझे कहा तुम्हें मुझे चोदना होगा तभी मैं तुम्हें कुछ पैसे दे पाऊंगी। मैंने भी सोचा चलो मेरी मजबूरी है मुझे यह काम तो करना ही पड़ेगा इसलिए मैंने उसकी चूत को चाटना ही उस वक्त सही समझा और उसकी चूत को मैं चाटता रहा। उसकी चूत को चाटने में मुझे मजा तो आ रहा था लेकिन उसकी चूत से बहुत ही बदबू आ रही थी। मैंने जब उसे कहा तुम मेरे लंड को चूसो उसने मेरे लंड को अपने गले तक लेना शुरू किया और फिर मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया। जब मैंने उसकी चूत में लंड डाला तो उसे बहुत मजा आ रहा था, मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से उसने मेरा पूरा साथ दिया मुझे लगा कि चलो कम से कम मुझे सेक्स करने का मौका मिला नहीं तो आजकल टेंशन में मेरे और मेरी पत्नी के बीच कुछ भी नहीं हो रहा था परंतु मुझे नहीं पता था कि जल्दी मेरी किस्मत बदल जाएगी।

वह महिला मुझसे इतनी ज्यादा खुश हो गई कि उसने मुझे कहा कि मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है और मेरे पास बहुत ज्यादा पैसा है लेकिन मैं तुम्हें एक शर्त पर अपने पास बुलाऊंगी जब तुम मुझे हमेशा खुश करते रहोगे। मैंने उसे कहा मैडम आपको कभी भी मैं कोई दिक्कत नहीं आने दूंगा मैंने उस दिन उसकी गांड तेल लगाकर मारी। जैसे ही मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की तो मैने अपने लंड को उसकी गांड मे डाल दिया मुझे बड़ा मजा आया। मैंने जैसे ही उसकी मोटी गांड मे लंड प्रवेश करवाया तो उसे बहुत दर्द महसूस होने लगा था वह चिल्लाने लगी। जैसे ही मेरा वीर्य उसकी मोटी गांड के अंदर गया तो वह कहने लगी मुझे आज तुम्हारे साथ मजा आ गया और वाकई में तुमने मुझे खुश कर दिया। उसके बाद में उस महिला के पास अक्सर जाने लगा और जिन्होंने मुझे उस महिला के पास भेजा था उन्होंने मुझसे थोड़ी बहुत पैसे लिए लेकिन मुझे उस महिला से इतने पैसे मिल चुके थे कि मैं अपने दोस्त को पैसे वापस लौटा सका।

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