अंकल के पजामे के अंदर से लंड देख लिया


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मेरा नाम सुमोना है मैं रांची की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 25 वर्ष है,  मेरे पिता बैंक में काम करते हैं और मेरी मां में ग्रहणी है। अभी कुछ समय पहले की ही बात है मेरे मामा का मेरी मम्मी को फोन आता है और वह कहने लगे कि हम लोगों ने आरती कर रिश्ता कर दिया है और यह बात सुनकर मेरी मम्मी तो बहुत ही शॉक्ड हो गई और कहने लगी कि आप लोगों ने हमें इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी, मेरे मामा कहने लगे आरती और राजीव ने एक दूसरे को पसंद कर लिया था इसीलिए हम लोग भी उनकी बातों को मना नहीं कर पाए और हम लोगों ने रिश्ते के लिए हामी भर दी। मैंने अपनी मम्मी से फोन छीन ते हुए कहा कि मामा जी आपने हमें कुछ भी नहीं बताया मैं आपसे बहुत ही गुस्सा हूं, वह कहने लगे मुझे भी लग रहा था कि तुम लोग बहुत गुस्सा होगे लेकिन राजीव के फैमिली वाले हमारे घर पर आ गए और कहने लगे की हमें आज ही सगाई करवानी है, हम लोगों ने जल्दी बाजी में सगाई करवा दी।

मैं अपने मामा से बहुत ही गुस्सा थी और मैंने अपने मामा को कहा कि मुझे आपसे बात नहीं करनी आप आरती को फोन दीजिए। जब मेरे मामा ने आरती को फोन दिया तो आरती से मैंने बात की और मैंने आरती को कहा तुम तो अपनी बहन को भूल ही गई हो, तुमने लड़का भी पसंद कर लिया और मुझे इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया, अब चुपके से तुम लोगों ने सगाई भी कर ली, मैं तुमसे आज के बाद बिल्कुल भी बात नहीं करने वाली। आरती मुझसे कहने लगी मैं तुमसे माफी मांगती हूं, यह सब बहुत जल्दी में हुआ, राजीव को मैं कुछ महीनों पहले ही मिली थी लेकिन हम दोनों के बीच में इतना अच्छा संबंध बन गया कि मुझे भी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि राजीव के घर वाले इतनी जल्दी शादी के लिए मान जाएंगे और उन्होंने जल्दी बाजी में सगाई करवा दी। जब यह बात आरती ने मुझे कहीं तो मैंने उसे कहा लेकिन फिर भी तुम्हें मुझसे एक बार तो कहना ही चाहिए था, आरती कहने लगी ठीक है मैं तुमसे अपनी इस गलती के लिए माफी मांगती हूं लेकिन तुम मेरे पास कुछ दिनों के लिए आ जाओ और उसके बाद ही मैं तुम्हें सब कुछ बताऊंगी।

मैंने आरती से कहा तुम इस बारे में मम्मी से ही बात करो तो वहीं मुझे तुम्हारे पास भेजेंगे इसलिए तुम उनसे ही पूछ लो। मैंने अपनी मम्मी को फ़ोन दिया और आरती ने मेरी मम्मी को कहा कि आप कुछ दिनों के लिए सुमोना को हमारे पास भेज दो, मेरी मम्मी कहने लगी ठीक है मैं भी सुमोना के साथ तुमसे मिलने आ जाती हूं और एक-दो दिन मैं तुम्हारे घर पर ही रुक जाऊंगी, उसके बाद मैं वापस आ जाऊंगी। उसके अगले दिन ही मेरी मम्मी और मैं मेरे मामा के घर चले गए, मैं जब आरती से मिली तो मैं आरती से बहुत ही गुस्सा थी, मैंने उसे कहा कि मैं तुमसे बात भी नहीं करना चाहती थी लेकिन तुमने मुझसे इतनी रिक्वेस्ट की इसलिए मुझे आना पड़ा और मम्मी भी आने को तैयार हो चुकी थी। मम्मी ने भी आरती से कहा कि तुमने तो चुपके-चुपके ही लड़के को शादी के लिए मना लिया और हमें भी नहीं बताया। आरती बहुत ही शर्मिंदा हो गई थी और वह कहने लगी बस यह सब जल्दी बाजी में हो गया। आरती मुझे अपने साथ कमरे में ले गई, वह मुझे राजीव की फोटो दिखाने लगी। मैंने आरती से कहा राजीव तो बहुत ही हैंडसम है और देखने में भी काफी अच्छा है, तुम दोनों की मुलाकात कैसे हुई। आरती कहने लगी मेरी और राजीव की मुलाकात मेरे एक दोस्त ने ही करवाई और उसके बाद हम दोनों को एक दूसरे के साथ इतना अच्छा लगा कि हम दोनों ने उसे रिश्ते में बदलने के बारे में सोच लिया, यह सब बहुत ही जल्दी में हुआ। जब राजीव ने मुझे अपने घर वालों से मिलाया तो उसके घर वाले भी मुझे बहुत पसंद करने लगे और वह लोग हमारे घर पर आ गए,  वह पापा से कहने लगे की हमें तो आज ही सगाई करवानी है इसीलिए उस दिन सब कुछ जल्दी बाजी में हुआ। आरती मुझसे राजीव के बारे में बहुत सी बातें शेयर कर रही थी और मैं भी बड़े मजे लेकर सुन रही थी, काफी देर तक हम लोग साथ में बैठे हुए थे, उसके बाद मेरी मम्मी भी आ गई।

आरती ने मेरी मम्मी को भी सब कुछ बताया और जब मेरे मामा हमारे साथ बैठे हुए थे तो मैंने अपने मामा से कहा कि आप भी बहुत ज्यादा छुपे रुस्तम निकले, आपने भी हमें कुछ नहीं बताया, वह कहने लगे तुम्हें आरती ने सब कुछ बता दिया होगा और हम लोग बिल्कुल दुविधा में थे इसलिए किसी को भी नहीं बता पाए। दो दिन मेरी मम्मी मेरे मामा के घर पर रुकी रही, वह दो दिन बाद घर चली गई। एक दिन मैं घर पर ही थी उस दिन घर पर कोई भी नहीं था, मेरे मामा मामी और आरती कहीं गए हुए थे, इतने में उनके दोस्त घर पर आ गए। वह मेरे मामा के दोस्त हैं और मुझसे पूछने लगे की क्या घर पर कोई भी नहीं है, मैंने उन्हें कहा नहीं घर पर तो कोई भी नहीं है। वह सोफे पर बैठ गए, जब वह बैठे हुए थे तो उनका लंड खड़ा था मुझे दिखाई दे रहा था उन्होंने पतला सा एक पजामा पहना हुआ था मैं उनके लंड को देखकर उत्तेजित होने लगी थी। मैं जब उनके लिए पानी लाई तो मैंने जानबूझकर उनके पजामे पर पानी गिरा दिया, वह एकदम से खड़े हो गए। उनका पजामा गिला होने लगा मैंने उन्हें कहा आप कपड़े चेंज कर लीजिए। मैंने जैसे ही उनके पजामे पर हाथ लगाया तो उनका मोटा लंड मेरे हाथ पर लग गया और एकदम से खड़ा हो गया।

उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया और कहने लगे आज तुमसे अपनी प्यास बुझाने पड़ेगी। मैंने भी उन्हें कुछ नहीं कहा क्योंकि मैं भी चाहती थी कि वह मुझे चोद दे। जब वह मुझे कमरे में ले गए तो उन्होंने मेरे सारे कपड़े खोल दिए जब उन्होंने अपने कपड़े उतारे तो मैं उनको एक नजर से देखती रही। उन्होंने मेरे होठों को बहुत देर तक चुमा मेरे होठों से खून आ गया तो वह कहने लगे तुम्हारे गुलाबी होंठो का रसपान करके मैं बहुत ही खुश हो गया। जब उन्होंने मेरे स्तनों का रसपान किया तो वह मेरे स्तनों का रसपान इस प्रकार से कर रहे थे जैसे वह कोई भूखे शेर हो और उन्होंने काफी समय से कोई शिकार ना किया हो। उन्होंने मेरी चिकनी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो वह कहने लगे तुम्हारी योनि तो बहुत ही मुलायम है और तुम्हारी योनि पर एक भी बाल नहीं है। मैंने उन्हें कहा मैंने आज तक किसी से भी अपनी चूत नहीं मरवाई है लेकिन ना जाने आपको देखकर मेरे अंदर से एक अलग ही फीलिंग आई और मैं अपने आप को नहीं रोक पाई। उन्होंने भी अपने 9 इंच मोटे लंड को जैसे ही मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो वैसे ही मेरी खून की धार मेरी योनि से बाहर की तरफ को निकलने लगी। वह मुझे कहने लगी तुम तो अब भी नाजुक कली हो और तुम्हारे योनि में मुझे अपने लंड को डालकर बड़ा आनंद आ रहा है। वह अपने लंड को मेरी चूत के अंदर बाहर करने लगे और बड़ी तेज गति से मुझे चोद रहे थे। वह जिस प्रकार से मुझे झटके दे रहे थे मुझे ऐसा लगता जैसे मेरी योनि से कुछ ज्यादा ही तरल पदार्थ बाहर की तरफ निकल रहा है। उन्होंने मुझे बहुत देर तक चोदा जब उनका माल मेरी चूत मे गिरा तो उन्होंने मुझे कहा तुम अपनी योनि को साफ कर लो। मैंने अपने मुलायम चूत को साफ कर लिया और जैसे ही मैंने अपनी योनि को साफ किया तो उन्होने दोबारा से अपने लंड को मेरी योनि में डाल दिया। मैंने अपने दोनों पैरो को चौडा कर लिया वह मुझे इतनी तेज गति से धक्के मार रहे थे कि मेरी चूत से और भी तेज पानी निकलने लगा था वह बड़ी तेज गति से मुझे झटके देते जाते। उन्होंने मुझे इतनी देर तक चोदा की मेरी चूत पूरी सुनन पड़ चुकी थी मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे मुझे कोई भी फर्क नहीं पड़ रहा लेकिन उन्हें बहुत मजा आ रहा था। उन्होंने मुझे 15 मिनट तक बड़े अच्छे से बजाया वह 15 मिनट मुझे ऐसे लगे जैसे कोई डंडा मेरी योनि के अंदर बाहर हो रहा है, मै बड़ी तेज चिल्ला रही थी परंतु जब उनका माल गिरा तो वह मुझे कहने लगे तुम्हारे साथ संभोग कर के मुझे आज बहुत ही आनंद आ गया। हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए और उसके बाद वह अंकल हमेशा ही मेरी चूत मारने के लिए आ जाते, मै जितने दिन तक अपने मामा के घर पर थी उतने दिन तक उन्होंने मुझे बड़े अच्छे से चोदा।