तेल लगाकर पेल दिया


Indian sex kahani, antarvasna मुझे अपने दफ्तर जाने के लिए देर हो रही थी इसलिए मैं जल्दी से घर से बाहर निकला मैंने अपनी बाइक स्टार्ट की मुझे उस दिन बहुत देर हो चुकी थी। मैं जब घर से बाहर निकला तो मैं घर से एक किलोमीटर की दूरी पर ही गया था तभी आगे से एक महिला मेरी बाइक के आगे आ गई उसका ध्यान ना जाने कहाँ था हम दोनों ही बड़े जोरदार तरीके से गिरे। मैं जब अपनी बाइक की तरफ गया तो मैंने देखा मेरे हाथ पैर से खून आ रहा था और मैं घायल हो चुका था मैंने उस महिला की तरफ देखा तो वह भी काफी घायल थी। उस वक्त मुझे उस पर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था लेकिन फिर भी मैंने अपने गुस्से पर काबू किया और उसे पास के क्लीनिक में ले गया। मुझे ऑफिस के लिए देर हो ही चुकी थी और उसी दौरान जब मैंने अपने ऑफिस में फोन किया तो मेरे बॉस ने मुझे काफी भला-बुरा कहा।

मैंने उन्हें कहा सर मेरा एक्सीडेंट हो गया है लेकिन उन्हें कुछ भी सुनना नहीं था वह मुझे कहने लगे जब भी ऑफिस में कोई ऐसी कोई मीटिंग होती है या जरूरी काम होता है तो उस वक्त तुम हमेशा ही कोई ना कोई बहाने बना दिया करते हो। मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब था लेकिन फिलहाल तो मुझे अपने पर भी मरहम पट्टी करवानी थी और उस महिला की भी मरहम पट्टी हो चुकी थी। मैंने उसे कहा क्या आप देखकर नहीं चल सकती थी आपकी गलती की वजह से आज मुझे ऑफिस में इतना कुछ सुनना पड़ा। उसके चेहरे पर कोई भी भाव नहीं था वह मुझे कहने लगी आपको बस मैं सॉरी ही कह सकती हूं लेकिन उसके चेहरे में एक अलग ही उदासी थी और मुझे ऐसा लगा जैसे कि वह बहुत ज्यादा उदास है। मैंने उससे पूछा आपका नाम क्या है वह कहने लगी मेरा नाम सुरभि है वह दिखने में तो अच्छे घराने की लग रही थी लेकिन ना जाने उसकी बातें मुझे समझ में नहीं आ रही थी। मैंने उसे कहा मैं आपको आपके घर पर छोड़ देता हूं लेकिन उसने मुझे मना कर दिया और कहने लगी मैं खुद ही चली जाऊंगी। उसे भी काफी चोट आई थी मैंने उसे दोबारा पूछा लेकिन वह कहने लगी मैं खुद ही घर चली जाऊंगी आप मेरी चिंता मत कीजिए। वह वहां से टैक्सी में अपने घर चली गई मैं भी वहां से अपने ऑफिस पहुंचा तो मेरे बॉस ने मेरी हालत देखी वह कहने लगे तुम्हे तो वाकई में चोट लगी है।

उस दिन मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब था इसलिए मैंने अपने ऑफिस से ही रिजाइन दे दिया मैंने सोचा जहां पर मेरी कोई इज्जत ही नहीं है वहां पर काम करने का क्या फायदा। इतने समय से मैं अपने दिल पर पत्थर रखकर काम कर रहा था मेरे बॉस हर छोटी बड़ी चीज के लिए सबको बहुत सुनाया करते थे इसलिए मुझे भी लगा कि मुझे अब ऑफिस से रिजाइन दे ही देना चाहिए। मैंने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया और उसके बाद मैं किसी और जगह नौकरी की तलाश करने लगा लेकिन मुझे फिलहाल तो कहीं नौकरी नहीं मिली। एक दिन मैं कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए गया वहां पर मैंने उसी महिला को देखा मैंने उसे कहा सुरभि जी आप यहां पर क्या कर रही हैं वह कहने लगी मैं अपने भैया से मिलने यहां आई थी। उसने मुझसे पूछा क्या आप भी किसी काम से यहां आए हुए हैं मैंने उसे बताया हां मैं यहां पर इंटरव्यू देने के लिए आया था मुझे नहीं पता था कि वह उसके भैया का ऑफिस है। जब मैंने इंटरव्यू दिया उसके बाद मेरा वहां पर सिलेक्शन भी हो गया वह सिलेक्शन सुरभि की वजह से ही हुआ था क्योंकि शायद सुरभि ने मेरे बारे में अपने भैया से बात कर ली थी और उन्होंने मुझे वहां पर रख लिया। कभी-कबार मेरी मुलाकात सुरभि से हो जाया करती थी लेकिन सुरभि के बारे में मुझे अभी तक भी कुछ अच्छे से पता नहीं था। अब मुझे ऑफिस में भी काफी समय होने लगा था तो मुझे सुरभि के बारे में थोड़ा बहुत जानकारी होने लगी क्योंकि ऑफिस में भी कुछ पुराने लोग थे जिन्हें सुरभि के बारे में सब कुछ मालूम था। हमारे ऑफिस में ही एक श्रीवास्तव जी हैं उनसे जब मैंने सुरभि के बारे में पूछा तो वह कहने लगे मुझे यहां काम करते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं।

श्रीवास्तव जी सुरभि को बड़े अच्छे से पहचानते हैं क्योंकि उनका सुरभि के परिवार के साथ बहुत अच्छा रिलेशन है और वह काफी पहले से ही कंपनी में जॉब भी कर रहे हैं। उन्होंने मुझे सुरभि के बारे में बताया तो मुझे सुनकर काफी बुरा लगा वह कहने लगे सुरभि ने अपने मां बाप के खिलाफ जाकर एक लड़के से शादी की सुरभि को पहले तो लगा कि वह लड़का उसका बहुत ध्यान रखेगा लेकिन उस लड़के ने सुरभि का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा। उसके बाद सुरभि और उसके बीच में झगडे होने लगे उन दोनों के झगड़े इतने बढ़ने लगे की बात जब हद से आगे निकल गई तो सुरभि मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगी। वह बहुत ज्यादा तनाव लेने लगी थी जिसकी वजह से उसको कुछ समय के लिए हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा लेकिन फिर भी वह ठीक नहीं हो रही थी। जिस लड़के से उसने शादी की थी उसने उसे बहुत बड़ा धोखा दिया उसने किसी और से ही शादी कर ली वह लड़का सिर्फ सुरभि के पैसों से प्यार करता था उसे कभी सुरभि से प्यार नहीं था सुरभि को इस बात का बहुत सदमा लगा। उस दिन मुझे जब यह बात श्रीवास्तव जी ने बताई तो मैं यह सुनकर बहुत दुखी हुआ मुझे इस बात का बहुत ज्यादा दुख था कि सुरभि के साथ उसके पति ने बहुत गलत किया।

उसके बाद मुझे सुरभि काफी समय बाद मिली जब मुझे वह मिली तो मैंने उससे बात करने की कोशिश की और उसे बताया कि वह अपने आप को खुश रखने की कोशिश करा करे। सुरभि को तो अपने रिलेशन के खत्म हो जाने की वजह से ही इतनी तकलीफों का सामना करना पड़ा लेकिन सुरभि अब थोड़ा बहुत नॉर्मल होने लगी थी धीरे-धीरे वह ऑफिस में भी सब लोगों से बात किया करती। मुझे भी ऑफिस में काम करते हुए काफी समय हो चुका था लेकिन सुरभि के भैया जो कि हमारे बॉस भी हैं उनका नाम रवि है उन्ही की बदौलत सुरभि ने अपने टेंशन से छुटकारा पाया है क्योंकि रवि ने उनका बहुत साथ दिया है। रवि सर बहुत ही अच्छे और नेक दिल इंसान हैं ऑफिस में जब भी किसी को मदद की आवश्यकता होती है तो सबसे पहले वही खड़े होते हैं मुझे उनकी यही बातें बहुत प्रभावित करती हैं। जब एक दिन बॉस ने मझे सुरभि का दुख बताया तो मैंने उन्हें कहा सर आप चिंता मत कीजिए अच्छे लोगों के साथ अच्छा ही होता है और आपने सुरभि का बहुत साथ दिया है। सुरभि और मेरी भी बातचीत होने लगी थी हम दोनों एक दूसरे के नजदीक आने लगे थे सुरभि मुझसे अपनी हर एक बात शेयर किया करती और जब भी सुरभि को मेरी जरूरत होती तो मैं हमेशा ही सुरभि के साथ खड़ा रहता। शायद इस बात का अंदाजा मुझे बिल्कुल भी नहीं था कि यह बात रवि सर तक पहुंच जाएगी। एक दिन रवि सर ने मुझे ऑफिस में बुलाया और कहने लगे तुम और सुरभि कुछ ज्यादा ही एक दूसरे को आजकल मिलने लगे हो। मैंने रवि सर से कहा नहीं सर ऐसा तो कुछ भी नहीं है मैं घबरा गया था मुझे लगा कि कहीं वह मुझे नौकरी से निकाल ना दें लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था उन्होंने मुझे उस वक्त कहा कि क्या तुम सुरभि का हाथ थाम सकते हो। मैं इस बात से खुश हो गया और मैं सुरभि के साथ शादी करने के लिए तैयार था मुझे उससे शादी करने में कोई भी आपत्ति नहीं थी। जब उन्होंने मुझसे यह बात कही तो मैंने सुरभि का साथ देने के बारे में सोच लिया था कुछ ही समय बाद हम दोनों की शादी तय हो गई।

मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि सुरभि जैसी कोई मेरी जिंदगी में आएगी हालांकि सुरभि की उम्र मुझसे बड़ी थी लेकिन उसके बावजूद भी मुझे सुरभि के साथ शादी करने से कोई दिक्कत नहीं थी। मैंने जब सुरभि से शादी कर ली तो मेरे माता-पिता इस बात से दुखी थे लेकिन फिर भी मैंने सुरभि का ही साथ दिया। जब हम दोनों की सुहागरात की पहली रात थी तो उस दिन मैं जब कमरे में गया तो मुझे थोड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था लेकिन सुरभि भी बिस्तर पर बैठी हुई थी मैंने जब उसके पल्लू को उठाकर उसके चेहरे की तरफ देखा तो वह शर्मा रही थी और वह बहुत ज्यादा सुंदर लग रही थी। मैंने उसके लाल होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके अंदर से गर्मी बाहर निकलने लगी मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया। मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया तो मैं उसके स्तनों को दबाने लगा और उसके स्तनों को चूसने लगा। मुझे बड़ा मजा आने लगा मैंने जब सुरभि के बदन से पूरे कपड़े उतारकर उसे नंगा कर दिया तो वह मए कहने लगी मुझे शर्म आ रही है।

मैंने उसे कहा इसमें शर्माने की क्या बात है मैंने जब अपने कपड़े खोले तो उसने मेरी छाती को चाटना शुरू किया जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मेरे अंदर से जोश बढ़ने लगा। मैंने जैसे ही अपने लंड को सुरभि की गीली चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई वह चिल्लाने लगी मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए बड़ी तेज गति से धक्के देना शुरू कर दिया। काफी देर तक मै उसे नीचे लेटा कर चोदता रहा लेकिन जैसे ही मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो वह मजे में आ गई और अपनी चूतडो को मुझसे टकराने लगी। जब वह अपनी चूतडो को टकराती तो मुझे भी बहुत मजा आता जैसे ही मैंने अपने वीर्य को सुरभि के चूत में गिराया तो वह खुश हो गई और कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ गया। मैंने भी अपने लंड पर तेल लगाया और उस रात जब मैंने अपने लंड को सुरभि की गांड में घुसाया तो वह चिल्लाने लगी लेकिन मुझे उसकी गांड मारने में बड़ा मजा आ रहा था और काफी देर तक मै उसकी गांड के मजे लेता रहा जब हम दोनों संतुष्ट हो गए तो हम दोनों ही एक दूसरे की बाहों में सो गए।

error:

Online porn video at mobile phone


dada poti sex storykajol ki bursasur bahu chudai kahanichudai ki stories with photochachi ki chudai hindidesi bhai behanhindi story of sexycomics hindi sexantarvasna desi storiesतेल लगाकर कसरत र्गल xxx videosaunty chudai hindibadwap sex storiesbhai bahan pornladke ki gand mariलङ दिखाके ममि चुत गयि क फोटोspecial chudai ki kahaniindian sex stories realसोना और रीना बुआ की चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरीsexy kahani bookapni sagi bhabhi ko chodamastaram hindi sex storyteacher ne ki chudaiदेसीचुदाईकहानियाwww desi kahani comxxx sex hindi kahaniholi me biwi ki chudaimeri chudai comsaxy satorypunjabi chudai kahanihindi ki sexy kahaniyahot sexy chudai kahanimazdoor ki chudaihinde sexy storichudai ki kahani maabhai bahan ki chudai hindi mechudai ki sexy kahanibete se maa ki chudaiantarvasna maa ki chutbhabhi ki chut aur gand mariwife xossiphindi chodai ke kahanisex story in hindi hothot sexi story in hindihindi sex antarvasna storybahan ki chut marididi chudai hindidadi ki chut ki photobrother sister sex story hindihindi font desi sex storiessote hue gand mariantarvasna usteacher aur student ki chudai kahanihindi story bhabhi ki chudaiantarvasna hindi sexy kahaniyachoti bahan ke chudaichut ka mut pikar chodayi antarvasnachachi ko patayajiju sali chudaihindi desi auntydidi chudaibahan ko choda story in hindimoti gand ki chudai ki kahanibalatkar hindi sex storyमुँ मे चबाता बुबस विडिओbur chudai story hindipati ke dosto ne chodajija sali hindi storyghar me chudai ki storydesi aunty ki chudaibus me chudai hindi storysexy chut ka majahindi xxx chudai storyantaravasana compati patni chudaigroup chudai comkahani chut lund kimujhe bus me chodastory antarvasna hindinatin ko chodateacher ki chudai story hindirandi biwimeenu ki chudaisexy story in hindi fontkaki ki sex storyhindi sex story maa ki chutsexy chudai kahani hindi mewww sex kahanisasur ki chudai kahanibahan ki chudai storylundkhor मम्मीchudwainaukrani ki chodaihindi six khanilund ki pyas