नौकरानी को रात मे घर बुलाकर चोदा


Click to Download this video!

antarvasna, sex stories in hindi

मेरा नाम सोहन है मैं असम का रहने वाला हूं, मैं चाय पत्ती का कारोबार करता हूं, मुझे यह काम करते हुए 15 वर्ष हो चुके हैं। मैंने जब यह काम शुरू किया था तो उसके कुछ समय बाद ही मेरी शादी हो गई थी। जब से मेरी शादी हुई है तब से मेरी और मेरी पत्नी के बीच कभी कभी झगड़े नहीं हुए क्योंकि वह बहुत ही सीधी सादी है और मैं थोड़ा बेबाक किस्म का व्यक्ति हूं, मैं अपनी बातों को सबके सामने बेझिझक तरीके से कह देता हूं, यह आदत कई बार मेरे लिए घातक भी बन जाती है क्योंकि कई लोग इस प्रकार का व्यवहार पसंद नहीं करते और शायद इसी वजह से मेरा उनके साथ झगड़ा भी हो जाता है। मैं हर राज्य में अपनी चाय पत्ती की सप्लाई करता हूं। मेरा बचपन का दोस्त अजीत कोलकाता में रहता है, मैं जब अजीत के पास जाता हूं तो उसे मिलकर मैं बहुत खुश होता हूं, हम दोनों की विचारधाराये लगभग एक जैसी ही है और हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से पहचानते हैं, तभी हम दोनों के बीच में इतनी ज्यादा बनती है। हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ होते हैं तो जी भर कर एंजॉयमेंट करते हैं।

एक दिन मैं कोलकाता गया हुआ था, मैं जब कोलकाता गया तो उस दिन मैं अजीत को फोन नहीं कर पाया क्योंकि मैं अपने काम में ज्यादा ही व्यस्त हो गया था लेकिन अजीत को ना जाने कहां से यह बात पता चली और उसने मुझे फोन कर दिया। वह मुझे कहने लगा लगता है अब हम दोनों के बीच में पहले जैसी दोस्ती नहीं रह गई है, तुम बहुत ही बदल गए हो, मैंने उसे कहा ऐसी क्या बात हो गई। मुझे नहीं पता था कि उसे मेरे कोलकाता आने का पता चल चुका है। उसने जब मुझे कहा कि तुम कोलकाता आए हुए हो और तुमने मुझे एक बार भी फोन नहीं किया मुझे बहुत ही बुरा लगा, मैंने अजीत से कहा मैं थोड़ा व्यस्त था इसलिए तुम्हें फोन नहीं कर पाया। अजीत कहने लगा तुम आज शाम को मुझे मिलना यदि तुम नहीं मिलोगे तो मैं तुमसे कभी भी बात नहीं करने वाला, मैंने अजीत को समझाया और कहा तुम कैसी बच्चों जैसी बात कर रहे हो क्या यह उचित है, वह मुझे कहने लगा क्या मेरा तुम पर कोई भी हक नहीं है, मैंने उसे कहा ऐसी कोई बात नहीं है, तुम समझ क्यों नहीं रहे मैं काम से आया था इसलिए तुम्हें नहीं मिल पाया। हम दोनों ही बचपन के अच्छे दोस्त हैं इसलिए वह मुझ पर अपना हक जमता है और मुझे कहता हैं मैं तो हमेशा ही तुम्हें अपना अच्छा दोस्त मानता हूं।

मैंने अजीत से कहा मैं भी तो तुम्हें अपना दोस्त मानता हूं, उसने मुझे इतनी ज्यादा बात सुना दी कि मुझे शाम को उसके पास जाना ही पड़ा। मैं जब अजीत के पास गया तो वह घर पर ही था, मैंने उसके लिए रास्ते से मिठाई लेली, उसे मिठाई खाने का बड़ा शौक है, वह मीठी चीजें बहुत पसंद करता है। मैंने अजीत से कहा तुम्हारे चक्कर में मुझे अपना काम छोड़ना पड़ा और आधे में ही मुझे लौटना पड़ा, अजीत मुझसे कहने लगा तुम क्या बात कर रहे हो क्या तुम मेरे लिए अपना काम भी नहीं छोड़ सकते। अजीत उस वक्त घर में अकेला ही था उसकी पत्नी और बच्चे माईके गए हुए थे और उसके मम्मी पापा  लोग भी शाम को कहीं टहलने गए हुए थे, जब अंकल और आंटी घर लौटे तो मैं उनसे मिला,  वहां मुझे कहने लगे तुम कब आए, मैंने उन्हें बताया कि मैं तो कुछ काम से आया था लेकिन अजीत है कि मानता ही नहीं, मुझे जिदकर के घर पर बुला लिया। अजीत की मम्मी भी मुझे अपने बेटे के समान ही मानती है और मैं उनकी बहुत ही रिस्पेक्ट करता हूं। मैं और अजीत जब साथ में बैठे हुए थे तो मैंने अजीत से पूछा तुम्हारा काम कैसा चल रहा है, वह मुझे कहने लगा मेरा तो काम अच्छा ही चल रहा है और मैंने ऑफिस में अब अपना स्टाप भी बढ़ा लिया है इसलिए मैं अपने आप को थोड़ा फ्री महसूस कर रहा हूं नहीं तो मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गया था, मेरे ऊपर बहुत ज्यादा दबाव होने लगा था लेकिन अब मैं निश्चिंत होकर अपना काम करता हूं और अब मैं खुश भी हूं। मेरे और अजीत के बीच में बहुत अच्छी दोस्ती तो है ही लेकिन हम दोनों को जब एक दूसरे की जरूरत होती है तो हमेशा ही अजीत मेरा साथ देता है और मैंने भी आज तक अजीत को किसी भी चीज के लिए मना नहीं किया। मैंने उससे कहा अब तो तुम्हारे बच्चे भी बड़े होने लगे हैं, अजीत मुझे कहने लगा बच्चे तो बड़े हो ही गए हैं लेकिन अब जिंदगी में थोड़ा बहुत बदलाव हो गए है, जैसे-जैसे उम्र ढलती जा रही है वैसे ही अब बहुत सारी चीजों में बदलाव होने लगे हैं।

मैंने अजीत से पूछा तुम्हारा और तुम्हारी पत्नी के बीच में सब कुछ तो ठीक चल रहा है, वह कहने लगा हम दोनों के बीच में सब कुछ ठीक है लेकिन अब पहले जैसी बातें नहीं रही। जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे ही थोड़े बहुत बदलाव तो आते ही हैं और कभी-कबार मेरे और मेरी पत्नी के बीच में झगड़े भी हो जाते हैं, लेकिन मेरी नौकरानी शालू मेरा मन बहला देती है। अजीत ने मुझसे शालू के यौवन कि इतनी तारीफ की, मैं भी रह ना पाया मैंने उसे कहा तुम आज शालू को बुला लो। उसने मुझे कहा रात को  शालू को बुला लेते हैं। हम लोगों ने रात के वक्त शालू को बुला लिया उसे हमने पीछे के दरवाजे से अंदर बुलाया। मैंने उसका गरमा गरम बदन देखा तो मेरा लंड हिलोरे मारने लगा और मैं पूरी तरीके से उसे चोदने के मूड में हो गया। अजीत ने मुझे कहा देखो यह शालू है, मैंने जब शालू के स्तनों पर हाथ लगाया तो वह बाहर की तरफ निकले हुए थे, मैं उसे चोदने के लिए उतारू था। मैंने अजीत से कहा अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा, शालू भी कहने लगी हां जानू मेरा भी आज बड़ा मन है मैं आज नया लंड अपनी चूत में लेना चाहती हूं। जब शालू ने यह बात कही तो मेरे अंदर का जानवर जाग गया और मैं उसे चोदने के लिए तैयार हो गया। अजीत ने मेरे हाथ मै तेल की शीशी थमा दी और कहां अगर तुम्हारा चूत मारकर मन नहीं भरे तो इसकी गांड भी मार लेना यह गांड भी देती है।

मैं उसे अंदर ले गया जब मैंने उसे नंगा किया तो उसका बदन वाकई में बड़ा सेक्सी था, मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर बहुत देर तक चूसा जिससे की उसकी योनि पूरी गीली हो गई। मैंने जब उसकी योनि के अंदर उंगली डाली तो वह मुझसे चुदने के लिए तैयार थी मैंने भी देरी नहीं की और तुरंत अपने लंड पर सरसों का तेल लगाते हुए शालू की गरमा गरम योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर घुसा उसने अपने दोनों पैर इतने चौड़े कर लिए कि मैं उसे देखकर और भी उत्तेजित हो गया। मैंने उसके स्तनों का रसपान बड़े ही अच्छे से किया जिससे कि उसके स्तनों से दूध बाहर निकलने लगा मैंने उसे बड़े अच्छे से चूसा। मैंने शालू से कहा तुम्हारी चूत मारकर तो मुझे मजा आ गया मैं उसके साथ 5 मिनट तक संभोग कर पाया जब मेरा वीर्य पतन हो गया तो मैंने अपना लंड को बाहर निकालते हुए शालू के मुंह में डाला। शालू ने मेरे लंड को चूसा, मेरा लंड दोबारा से 90 डिग्री पर खड़ा हो गया। वह इतना लंबा हो गया कि मैंने उसे सामने उसकी गांड मारने की इच्छा जाहिर की तो वह भी अपने आप को ना रोक सकी। जैसे ही मैंने शालू की गांड में अपने लंड को सटाया तो वह मुझे कहने लगी आज मै नए लंड को अपनी गांड मे लूंगी। मैंने उसकी बड़ी सी गांड के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी, मैंने भी उसकी गांड के अंदर पूरे लंड को डाल दिया था जिससे की उसकी गांड बड़ी दर्द होने लगी थी। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था, मैंने उसकी गांड इतनी तेजी से मारी की मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा जा रहा था। उसकी गांड का छेद इतना ज्यादा टाइट था मैं डेढ मिनट के अंदर ही झड गया। उसने जब मुझे अपन गांड का मजा दिया वह आज तक मुझे मेरी पत्नी ने भी नहीं दिया। अजीत ने भी उसकी गांड मार कर लाल कर दी हम दोनों से रात भर उसे चोदा।