मेरी गांड और चूत से खून


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मेरा नाम संजना है मैं बेंगलुरु में रहती हूं और मैं एक आईटी कंपनी में जॉब करती हूं। मेरी उम्र 28 वर्ष है,  मैं बहुत ही इंडिपेंडेंट किस्म की लड़की हूं, मेरे माता-पिता भी बहुत ही खुले विचारों के हैं। एक बार मैं अपने ऑफिस के काम से जा रही थी लेकिन रास्ते में मेरी कार खराब हो गई, मैं काफी देर वहीं खड़ी रही, मुझे अपने काम के लिए लेट भी हो रही थी और तभी एक अंकल ने गाड़ी रोक ली और मैं उनके साथ कार में बैठ गई। उनके साथ उनकी फैमिली भी थी, वह मुझसे पूछने लगे तुम यहां पर क्या कर रही हो, मैंने उन्हें बताया कि मेरी कार खराब हो गई थी और दूर-दूर तक मुझे कोई भी कन्वेंस  नहीं मिल रहा था, मुझे लेट भी हो रही है। मैंने उन अंकल का धन्यवाद किया और कहा कि आपने मुझे अपनी कार से लिफ्ट दी, मैं आपको उसके लिए शुक्रिया कहती हूं।

उनके साथ उनकी पत्नी भी बैठी हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे भी थे, जहां मुझे काम से जाना था उन्होंने वहां पर मुझे ड्रॉप किया और उसके बाद वह वहां से निकल गए। मैं जब अपने काम पर पहुंची तो मुझे काफी लेट हो चुकी थी, मैंने उन्हें सब कुछ समझाया और उसके बाद मैंने वहां से अपना काम किया और सीधा अपने ऑफिस लौट आई। मेरी कार रास्ते में ही थी तो मैं रास्ते से ही किसी मैकेनिक को ले गई और उसने मेरी कार ठीक कर दी, जब मैं वहां से अपने ऑफिस गई तो मैंने अपने सीनियर को बोल दिया कि सुबह मेरी कार खराब हो चुकी थी इसलिए मुझे ऑफिस आने में देरी हो गई,  वह कहने लगे कोई बात नहीं। मैं हमेशा की तरह ही अपने ऑफिस जाती और ऑफिस से शाम को घर लौटती। मुझे एक दिन वही अंकल मिल गए जिन्होंने मुझे लिफ्ट दी थी, उनके साथ में एक नौजवान युवक भी था, उसने काले चश्मे लगाए हुए थे और वह दिखने में बहुत ही हैंडसम लग रहा था। अंकल ने मेरा परिचय उससे करवाया, उसका नाम आकाश है, आकाश और मेरी बातचीत बहुत अच्छी हो गई और मैंने आकाश से उसका नंबर भी ले लिया, उसने मुझे अपना विजिटिंग कार्ड दिया, वह एक बिजनेसमैन है।

जिस दिन मेरी छुट्टी थी, मैंने उस दिन आकाश को फोन कर दिया, आकाश मुझे कहने लगा तुम मुझे मेरे ऑफिस में मिल लो। मैं आकाश के ऑफिस में चली गई और उससे मेरी काफी देर तक बात हुई। मैं जितना भी आकाश को समझ पाई मुझे लगा कि आकाश एक बहुत ही अच्छा बिजनेसमैन है और वह एक अच्छा इंसान भी है। मेरी पहली मुलाकात आकाश के साथ बहुत अच्छी रही और उसके बाद से तो मैं आकाश से मिलने लगी। मैंने आकाश से कहा कि मुझे भी कोई काम शुरू करना है, मेरे दिमाग में भी बहुत सारे आइडियास है लेकिन मैं अपने ऑफिस के काम के साथ उन्हें नहीं कर सकती इसलिए मुझे तुम्हारी मदद की आवश्यकता है। आकाश कहने लगा तुम बिल्कुल ही निश्चिंत रहो, मैं हमेशा ही तुम्हारे साथ हूं। उस दिन मुझे आकाश को लेकर अपनापन सा लगा और मैं भी उससे खुलकर बात करने लगी थी। अब हम दोनों के बीच में काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी और मुझे नहीं पता था कि वह दोस्ती कब हम दोनों के प्यार में बदल जाएगी, मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। एक दिन आकाश ने हीं मुझे प्रपोज कर दिया, उस दिन हम लोग रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे और डिनर कर रहे थे। उसने अपने पैंट की जेब से एक रिंग निकाली और मुझे पहना दी,  मैं अपने आप को बहुत ही खुशनसीब समझ रही थी क्योंकि मेरे दिल में भी आकाश के लिए पहले से ही प्यार था लेकिन मैंने उसे कभी भी अपने दिल की बात नहीं कही थी और जब उसने उस दिन मुझे प्रपोज किया तो मैंने उसे गले लगा लिया और वह भी बहुत खुश था। मैं आकाश को उसके बाद अपने घर भी लेकर गई, मेरे घर वालों को भी आकाश से कोई भी आपत्ति नहीं थी, आकाश भी एक वेल सेटल्ड लड़का था इसलिए मेरे घर में उससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं थी। एक दिन आकाश और मैं कार से जा रहे थे, उस दिन हम दोनों ने प्लान किया कि हम लोग कहीं लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं, उस दिन हम दोनों ही साथ में थे। अब हम दोनों के बीच में काफी खुलकर बातें होने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे को समझने लगे थे,  जब उस दिन हम दोनों लॉन्ग ड्राइव पर गए तो आकाश को उसके दोस्त का फोन आ गया,  उसका दोस्त एक बहुत बड़ा बिल्डर है और वह किसी साइट पर अपने फ्लैट बना रहा था।

आकाश ने कहा हम लोग उससे मिलते हुए चलते हैं,  मैंने आकाश से कहा ठीक है हम लोग उसे मिलते हुए चलेंगे। जब हम लोग उसके दोस्त से मिले तो आकाश ने मेरा परिचय अपने दोस्त से करवाया, हम दोनों उसके ऑफिस में ही बैठे हुए थे, उसने हमारे लिए कॉफ़ी मंगवाई और उसके बाद हम लोगों ने काफी देर तक साथ में बात की,  फिर उसने अपने फ्लैट भी हमें दिखाएं। मुझे तो वह फ्लैट बहुत पसंद आया और मैंने आकाश से कहा कि तुम एक फ्लैट यहां पर बुक करवा लो, उसका दोस्त कहने लगा आकाश जब भी मुझसे कहेगा तो मैं उसे एक फ्लैट दे दूंगा। आकाश और उसकी बहुत अच्छी दोस्ती थी इसलिए वह दोनों एक-दूसरे के साथ खुलकर बात कर रहे थे और मैं भी उसके साथ बहुत कंफर्टेबल हो गई थी, हम लोग काफी देर तक वहीं बैठे हुए थे। जब हम लोग उसके दोस्त के पास बैठे हुए थे तो आकाश ने अपने दोस्त के कान में कुछ कहा मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दिया। आकाश ने उससे फ्लैट की चाबी ले ली, आकाश मुझे एक फ्लैट में ले गया वहां पर सब कुछ लगा हुआ था, वहां पर एक बहुत ही अच्छा सा बैड़ लगा हुआ था। मैं और आकाश वहां पर बैठ गए जब आकाश ने मेरी जांघों पर हाथ रखा तो मैं समझ चुकी थी कि उसको मेरे साथ सेक्स करना है।

मुझे आकाश के साथ सेक्स करने में कोई आपत्ति नहीं थी। मैंने आकाश से कहा यह बात तो तुम मुझे भी कह सकते थे तुम्हें अपने दोस्त को बताने की क्या जरूरत थी। आकाश ने मुझे कुछ भी नहीं कहा और उसने मेरे गुलाबी होठों को चूमना शुरू कर दिया। उसने मेरे होठों को काफी देर तक चूसा जब उसने मेरे कपड़े खोले तो उसका लंड पूरा खड़ा हो चुका था। उसने मेरे स्तनों को काफी देर तक चूसा उसने मेरे स्तनों पर लव बाइट भी दे दी थी और मैं बहुत ही उत्तेजित हो गई थी। मेरी योनि से पानी निकलने लगा था यह मेरे लिए पहला ही अनुभव था। जब आकाश ने मेरी योनि पर अपनी उंगली को रखा तो मेरी योनि से बहुत ही तरल पदार्थ बाहर आने लगा। आकाश ने अपनी जीभ को मेरी योनि पर लगाया तो मैं पूरी तरह मचल उठी मेरा पानी बाहर आने लगा था आकाश ने वह सब अपनी जीभ से चाट लिया। आकाश के लंड को अपने मुंह में लेने की इच्छा जाग उठी और मैंने भी आकाश के मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया। जब उसका पानी निकल गया तो उसने मुझे कहा मैं तुम्हारे योनि के अंदर अपने लंड को डाल देता हूं। उसने जैसे ही मेरी योनि में अपने लंड को डाला तो मेरी योनि से खून निकल आया और हम दोनों बड़े जोश में सेक्स करने लगे। हम दोनों को इतना मजा आ रहा था कि हम दोनों ज्यादा देर तक दूसरे के साथ संभोग नहीं कर पाए। आकाश ने कुछ देर बाद मुझे डॉगी स्टाइल मे बना दिया। उसने जैसे ही मेरी गांड के अंदर अपने मोटे लंड को डाला तो मुझे बहुत तेज दर्द महसूस हुआ और मैं बहुत चिल्लाने लगी मेरी गांड से खून निकलने लगा था। उसने मेरी चूतडो को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर रखा था और बड़ी तेज गति से मुझे धक्के मार रहा था। मैं भी आकाश का साथ देने लगी थी और अपनी चूतड़ों को उससे मिलाने पर लगी थी लेकिन मैं भी ज्यादा समय तक आकाश के लंड को नहीं झेल पा रही थी और उसने मुझे काफी तेज झटके देने शुरू कर दिए थे। वह मुझे इतनी तेजी से धक्के दे रहा था कि उसका माल जैसे ही मेरी गांड के अंदर गिरा तो मुझे बहुत अच्छा लगा। जब उसने अपने लंड को मेरी गांड से बाहर निकाला तो वह कहने लगा संजना आज तो तुमने मुझे खुश कर दिया है। मैंने भी उससे कहा आज तुमने भी मुझे खुश कर दिया है।