लाइफ स्टाइल सुधारने के चक्कर में कॉल गर्ल बन गई


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मेरा नाम रंजीता है मैं हरियाणा के छोटे से गांव की रहने व ली हूं। मेरे पिताजी ने आज तक मुझे कभी भी कोई कमी नहीं रखी, वह मुझे हमारे गांव के पास के ही कॉलेज में पढ़ने भेजते थे। मैंने जब वहां से पढ़ाई पूरी कर ली तो उसके बाद मैंने बेंगलुरु जाने का फैसला कर लिया क्योंकि मैंने रोहतक में एक कम्पनी में इंटरव्यू दिया था,  उस कंपनी का ऑफिस बेंगलुरु में था इसलिए वह लोग मुझे बेंगलुरु में ज्वाइन करने के लिए कह रहे थे। मेरे पापा मुझे बेंगलुरु भेजने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे लेकिन मैंने उन्हें बेंगलुरु जाने के लिए मना ही लिया था, जब उन्होंने मुझे बेंगलुरु भेजा तो मैं बहुत खुश हुई और उस समय मुझे ऐसा लगा कि वाकई में मेरे पापा मेरे बारे में इतना सोचते हैं, मेरी मम्मी भी मुझे कहने लगी कि तुम अपना ध्यान रखना।

मैं पहली बार ही अपने घर से बाहर गई थी इसलिए मैं थोड़ा डरी हुई थी लेकिन जब मैं बेंगलुरु पहुंच गई तो मेरे अंदर कुछ अलग ही तरीके की फीलिंग थी और मैं सोच रही थी कि मैं अब बेंगलुरु में अकेले कैसे रहूंगी लेकिन फिर भी मैंने बेंगलुरु में रहने का फैसला कर लिया था। मैं एक पीजी में रहती थी लेकिन उस पीजी में भी माहौल कुछ अच्छा नहीं था, वहां पर जितनी भी लड़कियां थी वह सब बड़ी ही अजीब सी थी इसलिए मैंने उनके साथ ज्यादा समय नहीं बिताया और मैंने अपने ऑफिस के पास में ही एक फ्लैट ले लिया। वह फ्लैट मुझे एक ब्रोकर ने दिलवाया था, मैंने उसे अपने पहले महीने का किराया भी दे दिया था, अब मैं वहां पर रहने लगी थी,  मुझे वहां पर थोड़ा अच्छा लग रहा था। मैं काफी समय तक तो वहां रही लेकिन जब मुझे ऐसा लगा कि मुझे अपने साथ किसी पार्टनर को रखना चाहिए तो मैंने उसी ब्रोकर से कहा कि यदि आप मेरे साथ कोई लड़की रहने के लिए देख ले तो मैं आपको उसके बदले थोड़े पैसे दे दूंगी, वह ब्रोकर बड़ा ही लालची किस्म का था इसलिए वह झट से मान गया और कहने लगा मेरे पास कुछ दिनों पहले एक लड़की आई थी मैं उससे बात कर लेता हूं यदि वह तुम्हारे साथ रहने के लिए तैयार हो जाती है तो तुम उसके साथ रह लेना।

मैंने उससे कहा ठीक है मैं इस रविवार को घर पर ही रहूंगी आप उसे रविवार को बुला देना। जब वह ब्रोकर रविवार के दिन उस लड़की को मेरे पास लेकर आया तो मुझे वह दिखने में तो एक अच्छे घराने की लग रही थी और उसके बात करने के तरीके से भी वह बहुत अच्छे घर की लग रही थी इसलिए मैंने उसे अपने साथ रखने के लिए हामी भर दी थी। अब वह मेरे साथ रहने लगी थी, मैंने उस ब्रोकर को थोड़े पैसे भी दे दिए थे जिससे कि वह भी बहुत खुश हो गया और मैं भी बहुत खुश थी क्योंकि मेरा भी किराया थोड़ा बचने लगा था। उस लड़की का नाम आंचल है, मैंने उसे पूछा कि तुम क्या करती हो तो वह कहने लगी कि मैं एक कंपनी में जॉब करती हूं। हम दोनों सुबह साथ में ही घर से निकलते थे,  शाम को वह मुझसे पहले आ जाती थी इसलिए मैं उससे हमेशा कहती कि जब भी तुम मुझसे पहले आ जाती हो तो तुम खाना बना दिया करो। उसे भी खाना बनाने में कोई आपत्ति नहीं थी और वह खाना बना दिया करती थी। कुछ दिनों तक तो हम दोनों के बीच में सब कुछ ठीक चलता रहा। एक दिन जब वह मुझे पार्टी में ले गई तो उसके जितने भी दोस्त थे वह सब बहुत पैसे वाले थे, मुझे कभी भी पार्टी में जाने का शौक नहीं था लेकिन उस रात मैंने पहली बार अपनी जिंदगी में ड्रिंक की, उसके बाद से तो लगातार ही हम लोग पार्टी करने लगे। मुझे जितनी भी सैलरी मिलती थी वह सब मेरी पार्टी में ही खर्च हो जाती थी और मेरे पास कुछ भी नहीं बच पाता था। आंचल की स्थिति भी मेरी तरह ही थी, वह भी कुछ भी पैसे नहीं बचा पाती थी। जब मेरे पिताजी ने मुझे फोन किया तो मैंने उन्हें कहा कि मैं ठीक हूं। वह लोग मेरी बहुत चिंता करते थे, मैंने उन्हें कहा कि मैं अच्छे से रह रही हूं और आप लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन मुझे भी लगने लगा था कि यदि मैं इसी प्रकार से हमेशा पार्टी करती रही तो शायद मेरे पास कुछ भी पैसे नहीं बचेंगे और मेरी शेविंग्स भी नहीं होने वाली।

मुझे जितनी भी सैलरी मिलती थी वह अब कम पड़ने लगी थी। मैं एक छोटी सी जगह की रहने वाली हूं इसलिए यह सब मैंने पहली बार देखा था और मुझ पर शायद इन सब चीजों का नशा सा चढ़ने लगा और मैं अब इन चीजों की आदी होने लगी थी। आंचल और मेरी यही स्थिति बनी हुई थी, आंचल और मैं हमेशा ही इस बारे में बात करते कि हमें ऐसा क्या करना चाहिए जो कि हमें थोड़े और पैसे मिलने लगे, ताकि हमारी पार्टी का खर्चा निकल जाया करें क्योंकि हम लोग एक अच्छी लाइफ़स्टाइल बिताना चाहते थे। मैंने आंचल से कहा कि हमें कुछ पार्ट टाइम काम देख लेना चाहिए, वह कहने लगी ठीक है मैं भी कहीं पार्ट टाइम वर्क देखती हूं यदि मुझे कहीं ऐसी कोई जानकारी मिलती है तो मैं तुम्हें जरूर बताऊंगी। हम दोनों अब पार्ट टाइम नौकरी की तलाश में थे लेकिन हमें कहीं भी ऐसी नौकरी नहीं मिल रही थी, हम दोनों बहुत ही निराश और हताश हो चुके थे। एक दिन आंचल और मैं घर पर बैठे हुए थे, उसने मुझे कहा मुझे आज मेरी पुरानी दोस्त मिली वह कॉल गर्ल बन चुकी है और अच्छे पैसे कमा रही है यदि तुम भी कॉल गर्ल बनना चाहती हो तो मैं तुम्हें उसका नंबर दे सकती हूं। मैंने उसे कहा नहीं अगर तुम भी तैयार हो तो मैं भी तुम्हारे साथ कॉल गर्ल बनने को तैयार हूं, हम दोनों ही राजी हो गई।

जब उसने मुझे अपनी सहेली से मिलाया तो उसका नाम बबीता था, वह एक नंबर की जुगाड़ है उसने मुझे कहा तुम्हें इसमें बहुत पैसे मिलेंगे लेकिन तुम्हें मैं जिन कस्टमर्स के पास भेजुंगी तुम्हें उन लोगो को खुश करना पड़ेगा। मैंने उससे कहा ठीक है तुम चिंता मत करो बबीता ने मुझे एक दिन एक 50 साल के व्यक्ति के पास भेज दिया और आंचल को भी एक बुड्ढे के पास भेज दिया। जब मैं उस से मिली तो वह बड़ा ही ठरकी प्रतीत हो रहा था। यह मेरा पहला अनुभव था मैं जब उसके पास बैठी हुई थी, वह मेरे साथ काफी देर तक बातें करता रहा लेकिन जब उसने मुझे कहा कि तुम डांस करो तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं डांस करती हूं। उसने गाना लगाया और मैं डांस करने लगी वह शराब पी रहा था मैं भी उसके सामने नाच रही थी उसने उस रात मेरे ऊपर बहुत पैसे उड़ाए। जब उसने मुझे नंगा किया तो मैं थोड़ा शर्मा रही थी लेकिन मैं जब मै पूरे मूड में हो गई तो मैंने भी ठान ली कि आज मैं इस बुड्ढे की गांड फाड़ कर रहूंगी। मैंने उसके लंड को चूसने शुरू किया, वह कहने लगा तुम तो मेरे लंड को खा ही जाओगी, मैंने उसे बड़े अच्छे से चूसा लेकिन जब उसका वीर्य मेरे मुंह में गया तो मुझे बड़ा अच्छा लगा। उसने मुझे लेटा दिया और मेरे दोनों पैरो को खोल दिया, वह मुझे कहने लगा तुम तैयार हो जाओ। उसने जैसे ही मेरी मुलायम चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो मैं चिल्लाने लगी क्योंकि इससे पहले मेरे गांव में मुझे मेरे चाचा ने चोदा था। उसने जैसे ही मेरी मुलायम योनि के अंदर अपने लड को डाला तो मैं मचलने लगी। वह मुझे कहने लगा बस तुम अब ऐसे ही रहो। उसने मुझे इतनी तेजी से झटके दिए कि मैंने उसे कहा तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है और मुझे बहुत मजा आ रहा है। उसका मोटा लंड जब मेरी योनि के अंदर बाहर होता तो मुझे बड़ा अच्छा प्रतीत होता, मुझे ऐसा लगता जैसे कोई डंडा मेरी योनि में जा रहा है। मैंने उसे पूरा मजा दिए और वह भी बहुत खुश हो गया था लेकिन जब उसका वीर्य गिरा तो मैंने उसे कहा बस तुम इतने ही देर तक मुझे चोद सकते थे। उसने मुझे कहा नहीं मेरे अंदर और भी ताकत बची है उसने मुझे दोबारा से चोदना शुरू किया, वह ज्यादा देर तक मेरे साथ सेक्स नही कर पाया लेकिन मैं उसे बार बार कहती, जिससे कि वह बिस्तर पर ही लेट गया। वह मुझे कहने लगा मेरी बस की बात नहीं है उसके बाद से तो मैंने ना जाने कितने लोगों के साथ सेक्स कर लिया है और मैं अपनी लाइफ भी अच्छे से जी रही हूं।