जवान लड़के को अपनी गांड का स्वाद चखा दिया


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मेरा नाम कावेरी है मैं भोपाल की रहने वाली हूं,  मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं, मेरी उम्र 28 वर्ष है। मैं शादी से पहले स्कूल में पढ़ाती थी लेकिन जब से मेरी शादी हुई है उसके बाद मैंने स्कूल छोड़ दिया, अब मैं घर पर ही रहती हूं और घर का काम संभालती हूं। मेरे पति और मैं ही घर पर रहते हैं, उनके मम्मी पापा दोनों गांव में रहते हैं मुझे ही घर का सारा काम संभालना पड़ता है, इसी वजह से मैंने नौकरी भी छोड़ दी। मेरे पति जिस कंपनी में काम करते हैं वहां पर उन्हें छुट्टी नहीं मिल पाती। मेरा मन तो बहुत होता है कि मैं भी नौकरी करने के लिए जाऊं लेकिन अपने पति की वजह से मैं नौकरी नही कर पाती और अब मुझे घर पर रहने की आदत हो चुकी है। एक दिन मैं अपने पति से कहने लगी की घर में राशन खत्म हो चुकी है, तुम थोड़ा समय निकाल लेना, हम लोग घर में राशन भरवा देते हैं, वह मुझे कहने लगे मेरे पास अभी तो वक्त नहीं है लेकिन मैं कोशिश करूंगा यदि मैं ऑफिस से जल्दी आ जाऊं तो मैं ही बाजार से राशन लेता हुआ आ जाऊंगा, मैंने उन्हें कहा ठीक है यदि आप ही ले आए तो अच्छा रहेगा।

वह जब अपने ऑफिस से आए तो उस दिन वह बहुत लेट में आये इसलिए वह राशन नहीं ला पाए, मैंने उन्हें कहा कि क्या तुम राशन नहीं लाये, वह कहने लगे मुझे आज ऑफिस से आने में लेट हो गई थी इसलिए मैं राशन नहीं ला पाया। मुझे उन्हें कहते हुए दो-तीन दिन हो चुके थे लेकिन वह राशन अभी तक नहीं लाए थे इसीलिए मैंने सोचा क्यों ना मैं पास की दुकान से ही राशन ले ले आऊँ। मैं जब अपने मोहल्ले की दुकान में गई तो वहां से ही मैंने थोड़ा बहुत राशन भरवा ली, हमारे मोहल्ले में एक ही दुकान है इसलिए उसके पास भी काफी भीड़ रहती है और वह सामान काफी महंगे दामों पर देता है लेकिन मजबूरी में उसके वहीं से सामान खरीदना पड़ता है। जब मैं उसके पास सामान ले रही थी तो मैंने देखा वहां पर काफी भीड़ है लेकिन मैं इंतजार कर रही थी, जब मैंने उसे सामान की लिस्ट दी तो उसके लड़के ने वह सामान रखवा दिया। वह दुकानदार मुझे पहचानता था इसलिए वह मुझसे पूछने लगा क्या बात भाभी जी आप हमारे यहां से सामान नहीं ले कर जाती, मैंने उसे कहा कि मेरे पति ही सामान ले आते हैं इसलिए मैं नहीं ले पाती,  आजकल वह बहुत बिजी हैं इस वजह से मैं ही सामान लेने आई।

वह बड़ा ही लालची किस्म का व्यक्ति है यदि कोई उसकी दुकान से सामान नहीं लेता तो वह उसे और भी महंगा देता लेकिन मजबूरी में मुझे उसके वहीं से सामान खरीदना पड़ा। जब उसने मेरा सामान रखवा दिया तो मैं प्लास्टिक के बैग में सामान ला रही थी लेकिन जब मैं आ रही थी तो वह प्लास्टिक का बैग फट गया और मेरा सामान नीचे गिर गया, वह तो अच्छा हुआ कि उसने छोटी-छोटी प्लास्टिक की पैकिंग की हुई थी इसलिए मेरा सामान गिरा नहीं। जब मैंने वह सामान उठाया तो पीछे से ही एक नौजवान युवक आ रहा था वह भी दौड़ते हुए मेरे पास आया और उसने वह सामान उठाने में मेरी मदद की। मैंने उसका नाम पूछा, उसका नाम अंकित है। अंकित मुझे कहने लगा मैं स्कूल में पढ़ता हूं, मैंने अंकित से कहा कि तुमने मेरी मदद की उसके लिए मैं तुम्हारा शुक्रिया कहना चाहती हूं, उसने मेरा सारा सामान उठाया। जब वह सामान उठा रहा था तो उसने मुझे कहा कि आप को मुझे थैंक्यू बोलने की जरूरत नहीं है, यह तो मेरा फर्ज था, मुझे अंकित बहुत ही क्यूट लगा और मैंने उससे काफी देर तक बात की। अंकित मुझे कहने लगा आप कहां रहती है, मैंने उसे अपना घर बताया, वह कहने लगा मैंने आपको कभी यहां नहीं देखा, मैंने उससे कहा मैं घर से कम ही बाहर निकलती हूं इस वजह से शायद तुम मुझे नहीं देख पाए होंगे। अंकित ने मुझे कहा कि आप क्या कहीं जॉब करती हैं, मैंने उसे बताया कि नहीं मैं कहीं जॉब नहीं करती, मैंने जॉब छोड़ दी है। वह मुझे कहने लगा आप तो अच्छी पढ़ी-लिखी दिखती हैं आप क्यों कोई काम नहीं कर लेते। अंकित ने हीं मुझे उस दिन ट्यूशन पढ़ाने के लिए कहा वह मुझे कहने लगा मेरे साथ के बच्चे भी काफी हैं यदि आप कहे तो मैं उन्हें भी आपके पास ट्यूशन पढ़ने के लिए ले आता हूं, मैंने उससे कहा ठीक है मैं इस बारे में तुम्हें सोच कर बताऊंगी, उसने मुझे अपना नंबर दे दिया।

मैं जब घर पर आई तो मैंने अपने पति से इस बारे में बात की मेरे कहने लगे यदि घर का ही काम है तो तुम घर पर ही पढ़ा लो, इसमें मुझे कोई आपत्ति नहीं है, मैंने भी घर पर ही पढ़ाने की सोच ली। मैंने अंकित को फोन किया और अंकित को कहा कि तुम शाम के वक्त मुझसे मिल लेना, वह कहने लगा ठीक है मैं शाम को आपके घर पर आ जाऊंगा। शाम के वक्त जब अंकित मुझसे मिलने आया तो मैंने उससे कहा कि तुम्हारे साथ कितने बच्चे हैं तो वह कहने लगा मेरे साथ तो काफी बच्चे हैं यदि आप कहे तो मैं उन्हें भी आप से मिलवा देता हूं, मैंने उससे कहा ठीक है तुम उन्हें भी घर पर ले आना और उन्हें भी मुझसे मिला देना। अकिंत और मै साथ मे बैठी हुए थे, मै उसे घूर कर देख रही थी वह बहुत ही क्यूट है, उसके चेहरे को देखकर मुझे उसे छूने का मन कर रहा था। मैंने जब अंकित को छूने की कोशिश की तो अंकित ने भी मेरी जांघों पर हाथ रख दिया। उसने मेरी जांघ को दबाना शुरू किया मैंने उसे किस कर लिया। उसने मुझे बहुत देर तक किस किया वह मेरे स्तनों को बहुत तेजी से दबा रहा था, मुझे पूरी मस्ती चढ रही थी। उसने काफी देर तक मेरे स्तनों को दबाया। मैंने अपने कपड़े खोल दिए वह मुझे कहने लगा आपके स्तन तो बड़े ही मस्त है, मैंने ऐसे चूचे आज तक नहीं देखे। उसने काफी देर तक मेरे स्तनों का रसपान किया जब मैं पूरे मूड में हो गई तो उसने मेरी योनि के अंदर अपनी उंगली डाल दी। वह दिखने में तो बहुत ही भोला है लेकिन जब उसने मेरी योनि में उंगली डाली तो वह बड़ी तेजी से अपनी उंगलियों को अंदर बाहर करने लगा मैं उत्तेजित हो गई। वह मुझे कहने लगा तुम बड़े अच्छे से मेरी योनि के अंदर उंगली डाल रही हो ऐसे ही तुम करते रहो, मुझे मजा आ रहा है।

उसने जब अपने गोरे से लंड को बाहर निकाला तो मैंने उसे अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और काफी देर तक मैं उसके लंड को चूसती रही, जिससे कि उसका पानी बाहर निकल आया। वह मुझे कहने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा है जब मैंने उसका पानी निकाल दिया तो उसने भी अपने लंड कों मेरी चूत में डालने की इच्छा जाहिर की, मैंने अपने दोनों पैरों को खोलते हुए उसे कहा तुम अपने लंड को मेरी योनि में डाल दो। उसने जैसे ही अपने गोरे लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मैं चिल्ला उठी और वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा। उसके इतने अच्छे से मुझे चोदा की मैंने अपने दोनों पैर खोल लिए और मेरे मुंह से मादक आवाज निकलने लगी। वह मुझे बड़ी तेजी से झटके दे रहा था, मैं भी उसे कसकर पकड़ रही थी उसने मेरे साथ 5 मिनट तक संभोग किया लेकिन उन 5 मिनट मैं उसने मुझे पूरा आनंद दिया। जब उसने मेरी गांड को चाटना शुरू किया था तो मैंने उसे कहा क्या आज तक तुमने कभी गांड मारी है। वह कहने लगा मैंने तो सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड की चूत मारी है लेकिन आज तक मैंने कभी किसी की गांड नहीं मारी। मैंने उसके लंड पर सरसों का तेल लगाया, काफी देर तक मैं उसके लंड को मसलती रही जिससे कि उसका लंड चिकना हो गया। मैंने उसे कहा तुम अपने लंड को मेरी गांड में डाल दो। उसने जैसे ही मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डाला तो मैं चिल्ला उठी, वह बड़ी तेजी से मुझे झटके मारने लगा। उसने मुझे इतनी तेज तेज धक्के मारे मेरी गांड से खून निकलने लगा। मैं अपनी मुलायम गांड को उससे मिलाने लगी, वह बड़ी तेजी से मुझे चोद रहा था लेकिन वह ज्यादा समय तक मेरी गांड की आग को नहीं झेल पाया। जैसे ही उसका सफेद और गाढ़ा वीर्य मेरी गांड के अंदर गिरा, मैंने उसे कहा अब तुम्हारा जीवन सफल हो गया। वह कहने लगा हां आपने तो मेरी इच्छा पूरी कर दी।