दोस्त को साला बनाया


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Antarvasna, kamukta मेरा नाम गौतम है मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता हूं मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और मैं जिस कंपनी में जॉब करता हूं उसी कंपनी में रमेश भी जॉब करता है रमेश और मैं साथ में पढ़ा करते थे हम दोनों ने स्कूल और कॉलेज साथ किया। रमेश और मेरी बहुत गहरी दोस्ती है रमेश ने हमेशा मुझे मुसीबतों से बचाया, एक दिन जब कॉलेज में मेरी लड़ाई हो गई थी तो उस दिन रमेश यदि बीच में नहीं आता तो शायद उस दिन मेरे साथ कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी लेकिन रमेश ने उस दिन भी मेरी जान बचाई और आज तक हम दोनों की अच्छी दोस्ती है परंतु एक बात थी जो मैंने रमेश से छुपाई कि काजल और मेरे बीच में बहुत ज्यादा प्यार है। काजल रमेश की बहन है लेकिन हमने यह बात कभी भी रमेश को पता नहीं चलने दी हम दोनों जब एक दूसरे से मिलते तो चोरी छुपे मिलते।

यदि यह बात रमेश को पता चलती तो शायद उससे मेरी दोस्ती खराब हो सकती थी इसलिए मैंने कभी भी रमेश को यह बात नहीं बताई परंतु मुझे क्या मालूम था कि रमेश को यह सब पता चल जाएगा जिस दिन रमेश को यह बात मालूम हुई कि काजल और मेरे बीच में अफेयर चल रहा है तो वह बहुत ज्यादा गुस्सा हुआ उसने मुझे उस दिन अपने घर पर बुलाया और अपने रूम में लेकर गया। जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो वह मुझे कहने लगा मैं तो तुम्हें अपना सच्चा दोस्त मानता था कभी भी मैंने तुमसे कोई बात नहीं छुपाई लेकिन तुम्हारे और काजल के बीच में इतने समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है और मुझे यह बात अब पता चल रही है मैं इस बात के बिल्कुल खिलाफ हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी और काजल की कभी शादी हो या तुम दोनों एक दूसरे के साथ रहो। उस दिन रमेश बहुत ज्यादा गुस्से में था मैंने रमेश को समझाने की कोशिश की लेकिन वह बिल्कुल भी समझने को तैयार नही था वह मुझे कहने लगा आज के बाद तुम कभी काजल से मिले या उसकी तरफ देखा भी तो तुम्हें मुझसे अपनी दोस्ती खत्म करनी होगी।

मैं इस बात से बहुत ज्यादा दुखी हुआ उसके बाद मैं अपने घर चला आया लेकिन मेरे दिमाग में काजल और रमेश दोनों के चेहरे घूम रहे थे मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए क्योंकि रमेश मेरे बचपन का दोस्त है और काजल को भी मैं छोड़ नहीं सकता था शायद काजल मेरे बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकती थी। काजल ने मुझे फोन किया लेकिन मैंने उसका फोन नहीं उठाया वह मुझे फोन करती रही मैंने काफी समय बाद जब उसके फोन को उठाया तो मुझे मालूम पड़ा कि काजल की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई है मैं कुछ समझ ही नहीं पा रहा था मैंने रमेश को फोन कर दिया और कहा मुझे काजल से एक बार मिलना है तो रमेश कहने लगा मैं तुम्हें उससे नहीं मिलने दे सकता। मैं कुछ समझ ही नहीं पा रहा था लेकिन फिर भी मैं काजल से मिलने के लिए चला गया मैं जब काजल से मिलने गया तो रमेश को इस बात से बहुत गुस्सा आया घर में उसने यह बात अपने माता पिता को नहीं बताई थी लेकिन रमेश मुझ पर बहुत ज्यादा गुस्सा हो गया। मैं जब काजल से मिला तो मैंने काजल की तरफ़ देखा काजल की तबीयत खराब थी उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी मैं बिल्कुल भी इस बात से अपने आप को रोक ना सका मैंने रमेश से कहा रमेश तुम मेरे बहुत अच्छे दोस्त हो और हमेशा रहोगे लेकिन मैं काजल को नहीं छोड़ सकता उसके बिना मैं नहीं रह सकता जितने जरूरी तुम मेरी जिंदगी में हो उतनी हीं जरूरी काजल भी है इसलिए मैं ना तो काजल को छोड़ सकता हूं और ना ही तुम्हें। रमेश ने मुझे गुस्से में कहा तुम घर से चले जाओ मैं उसके घर से चला आया लेकिन उसके बाद रमेश ने मुझसे बात नहीं की रमेश काजल और मुझे कभी मिलने भी नहीं देने वाला था और हुआ भी ऐसा ही जब भी काजल कहीं बाहर जाती तो रमेश को यह बात पता चल जाती काजल और मेरा मिलना पूरी तरीके से बंद हो ही चुका था क्योंकि काजल रमेश की बहुत इज्जत करती है।

काजल जब भी मुझे फोन करती तो मैं उसे कहता कि हम लोग उसे समझा देंगे परंतु वह तो हमारी बात समझने को तैयार ही नहीं था मैंने एक बार रमेश से ऑफिस में बात करने के बारे में सोचा, मैंने उस दिन रमेश से बात भी की लेकिन उसने मेरी बात का कोई जवाब ही नहीं दिया उसने कहा तुम काजल को भूल जाओ मैं नहीं चाहता कि तुम उससे कोई भी रिश्ता रखो। मैंने रमेश से कहा यार मैं तुम्हें अपने दिल की बात कैसे बताऊं तुम दोनों मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हो मैं तुम दोनों को नहीं छोड़ सकता। रमेश को शायद लगा की मैंने उसकी बहन को अपने जाल में फंसा लिया है और मैंने रमेश कि दोस्ती का गलत फायदा उठाया है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था काजल और मेरे बीच में यह सब काफी समय से चल रहा था हम दोनों एक दूसरे को जब प्यार करने लगे तो मैंने काजल से कह दिया था कि हमें रमेश को पूछ लेना चाहिए या फिर हमें रमेश को यह बात बता देनी चाहिए लेकिन काजल ने कहा कोई बात नहीं भैया यह सब समझ जाएंगे। काजल रमेश की बहुत इज्जत करती है परंतु रमेश तो इन सब बातों को समझने को तैयार ही नहीं था। जब काजल ने अपने माता पिता से इस बारे में बात की तो रमेश को बहुत ज्यादा गुस्सा आ गया और रमेश ने कहा मैं कभी भी गौतम के साथ काजल का रिश्ता नहीं होने दे सकता। मुझे तो कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की रमेश हमारी बातों को क्यों नहीं समझ रहा है अब हम दोनों बहुत कम ही मिला करते थे हम दोनों का मिलना पूरी तरीके से बंद हो चुका था लेकिन जब भी हम दोनों एक दूसरे से मिलते तो हमें बहुत अच्छा लगता मुझे काजल के साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगता था काजल भी चोरी छुपे मुझसे मिला करती थी।

रमेश को इस बात का पता चल चुका था और जब रमेश को इस बात का पता चला तो उसने काजल को घर से बहार निकलने ही नहीं दिया उसके बाद तो उसने काजल पर पूरी तरीके से पाबंदी लगा दी थी और वह घर पर ही रहती थी बस हम दोनों की फोन पर ही बात हुआ करती थी। मैं काजल के बिना बिल्कुल नहीं रह सकता था मैं बहुत ज्यादा तड़पने लगा था मुझे ऐसा लगता कि जैसे मेरे जीवन में कोई महत्वपूर्ण चीज नहीं है इसलिए मैं काजल से मिलने के बारे में सोचता रहता परंतु उससे मिलना अब संभव नहीं था हम दोनों फोन में ही बात किया करते थे। काजल मुझे कहती की मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है। मैं रमेश को समझाने की कोशिश करता रहा लेकिन रमेश समझने को तैयार नही था मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए, तभी मैंने यह बात अपने पापा को बता दी मेरे पापा ने रमेश से बात की और उसे समझाने की कोशिश की। रमेश पहले तो कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं था लेकिन जब मेरे पापा ने रमेश को बहुत ही प्यार से समझाया तो रमेश कहने लगा मुझे काजल और गौतम के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन मुझे इस बात का बहुत सदमा लगा है की गौतम ने मेरे पीठ पीछे यह सब किया इसलिए मैं उन दोनों को कभी मिलने नहीं दे सकता। मेरे पापा ने रमेश से कहा हम लोग काजल को अपने घर की बहू बनाना चाहते हैं। जब यह बात मेरे पापा ने रमेश से कहीं तो शायद रमेश समझ चुका था और उसके बाद उसने काजल को मुझसे मिलने से कभी नहीं रोका हम दोनों अब एक दूसरे से मिला करते है और हम दोनों एक दूसरे से मिलकर बहुत खुश होते हैं।

जब भी मै और काजल मिलते तो हम दोनों की खुशी दोगुनी हो जाती हम दोनों को मिलने से कोई नहीं रोक सकता था इसलिए हम दोनों एक साथ समय बिताया करते। मैं जब भी ऑफिस से फ्री होता तो मैं काजल से मिला करता, रमेश के साथ भी मेरी दोस्ती ठीक होने लगी थी, काजल और मेरे बीच में जब पहली बार सेक्स हुआ तो हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करके बहुत खुश थे। उस दिन काजल ने मेरे होठों को चूम लिया उस दिन काजल मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आई हुई थी। जब उसने मेरे होठों को किस किया तो मैं भी अपने आपको ना रोक सका मैंने भी काजल के होठों को किस किया और बड़े अच्छे से मैंने उसके होंठो और उसके स्तनों को किस किया। जब मैं उसके स्तनों को चुसता तो वह जोश मे आ जाती और मैं उसकी गांड दबा देता जिससे उसकी गांड लाल हो जाती और वह पूरे जोश में आ जाती। वह कहती मुझे बड़ा अच्छा महसूस हो रहा है मैं काफी देर तक उसके साथ ऐसा ही करता रहा, जब मैंने उसकी चूत को चाटना शुरु किया तो वह उत्तेजीत हो जाती और मुंह से मादक आवाज निकालती, मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी चत मे घुसाया तो वह मचलने लगी।

वह अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक सकी और मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से चोदो मैंने उसे बहुत देर तक चोदा वह मेरा साथ देती उसका शरीर पूरी तरीके से हिल जाता। वह मुझे कहती तुम्हारे साथ सेक्स करके मै बहुत खुश हूं और मुझे बड़ा मजा आ रहा है। मैने जब काजल की योनि की तरफ देखा तो उसकी योनि से खून निकल रहा था उसकी योनि से इतनी तेजी से खून निकलता की हम दोनों ही पूरी तरीके से जोश में आ जाते। जब काजल झड़ गई तो मैं उसे तेजी से धक्के मारता रहा, मैंने काफी देर तक उसे चोदा, मैं उसे तेजी से धक्के मारता रहा। मैंने काफी देर तक उसे धक्के दिए जब मेरा वीर्य पतन हो गया तो काजल मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ गया। हम दोनों एक दूसरे के साथ खुश हैं और इस बात से मुझको भी कोई आपत्ति नहीं थी। रमेश से मेरी दोस्ती पहले जैसी हो चुकी है काजल और मेरी सगाई हो चुकी है और जल्द ही हम लोग शादी करने वाले हैं।

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