आज कहीं रूको ना बाबू


Hindi sex stories, kamukta मै अपने दोस्त की बहन की शादी में गया हुआ था उसके परिवार को मेरा पूरा परिवार अच्छे से पहचानता है इसलिए हमारा पूरा परिवार शादी में गया था लेकिन उस दिन मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब था मेरा पारुल के साथ झगड़ा हुआ था उसका रिलेशन किसी और लड़के से चलने लगा था मैंने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी बात ही नहीं मानी जिस वजह से हम दोनों के बीच बहुत झगड़े हुए। पारुल को तो जैसे मेरी कोई बात माननी ही नहीं थी और हम दोनों के बीच ब्रेकअप की स्थिति पैदा हो गई थी उसी शादी के दौरान मेरी मुलाकात शगुन के साथ हुई शगुन और मैं एक दूसरे से बात कर के अपने आप को बहुत अच्छा महसूस कर रहे थे शगुन दिखने में बहुत ज्यादा सुंदर है और उसका दिल भी उतना ही ज्यादा सुंदर है शगुन और मैं बड़े अच्छे से एक दूसरे के साथ बात करते हैं हम दोनों जब एक दूसरे से बात करते तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि मेरे जीवन में कभी पारूल थी ही नहीं, मेरे जीवन में अब पारुल के लिए कोई जगह नहीं थी और ना ही मैं पारुल से मिलना चाहता था इसलिए मैंने उससे अपने पूरे संबंध खत्म कर लिए थे।

उसने भी मेरे प्यार की इज्जत नहीं की थी इसलिए उसे भी जल्द ही यह सब एहसास हो गया कि वह जिस लड़के के साथ जीवन बिताने की कोशिश कर रही थी वह सिर्फ उसके साथ धोखा कर रहा था और आखिर में उसने उसे धोखा दे दिया। जब पारुल का दिल टूट गया तो वह मेरे पास आई लेकिन अब मेरे जीवन में शगुन आ चुकी थी इसलिए मैंने पारूल को कहा अब हम दोनों के बीच में वह रिलेशन कभी हो नहीं सकता इस बात से पारुल बहुत दुखी हो गई लेकिन वह मेरी जिंदगी से बहुत दूर जा चुकी थी मुझे पारुल के साथ कोई संबंध नहीं रखना था मेरे जीवन में शगुन आ चुकी थी शगुन को मेरे बारे में सब कुछ पता था और उसके बावजूद भी शगुन और मेरा रिलेशन बहुत अच्छे से चल रहा था। शगुन और मेरे रिश्ते की नींव बहुत मजबूत थी हम दोनों के बीच कभी भी कोई झगड़ा होता था हम दोनों झगड़े को बहुत जल्दी सुलझा लिया करते और हम दोनों का रिश्ता शादी तक पहुंच चुका था मैंने अपने परिवार वालों से शगुन को मिला दिया था शगुन से मिलकर मेरे परिवार वाले बहुत खुश हुए और शगुन का परिवार भी मुझसे मिलकर बहुत खुश था।

शगुन का परिवार बड़ा ही अच्छा परिवार है वह बहुत ही फ्रेंडली किस्म के लोग हैं मैं जब शकुन के दादा से मिला तो उसके दादा से मिलकर मुझे एहसास हुआ कि वह कितने खुश हैं और अपने जीवन में उन्होंने कितनी तकलीफ देखी है लेकिन उसके बावजूद भी उनके चेहरे पर एक शिकन तक नहीं है उनकी खुशियां देखकर मुझे लगता कि वह बड़े ही अच्छे और कुशल इंसान हैं। अब यह सिलसिला चलता रहा था लेकिन मेरे जीवन में जल्द ही बड़ी मुसीबत आने वाली थी मुझे क्या पता था पारुल मेरे खुशहाल और अच्छे रिश्ते को तोड़ने के पीछे तुली है उसने एक दिन मुझसे मिलने की बात कही मैं भी पारुल से मिलने के लिए चला गया मुझे नहीं मालूम था कि पारुल बहुत ही ज्यादा गई गुजरी हरकत करने वाली है उसने मुझे शगुन की कुछ तस्वीरें दिखाई और उन तस्वीरों में वह किसी लड़के के साथ बात कर रही थी पारुल ने मुझे यह कहा तुम्हें शगुन पर इतना भरोसा था और उसकी वजह से तुमने मुझे भी ठुकरा दिया लेकिन शगुन भी तुम्हारे लायक नहीं है। मुझे भी उसकी बातों पर यकीन हो गया लेकिन मुझे नहीं पता था कि मैं गलत हूं मैंने जब शगुन से इस बारे में बात की तो शगुन मुझे कहने लगी मुझे तो इस बारे में कुछ पता ही नहीं है और वाकई में उसे इस बारे में कुछ मालूम ही नहीं था क्योंकि यह सब तो पारुल का बुना हुआ जाल था जिसमें कि मैं पूरी तरीके से फंस चुका था और उसने मौके का बहुत फायदा उठाया। जब शगुन और मेरे बीच में थोड़ी दूरियां पैदा होने लगी तो उसने शगुन को मेरे बारे में भी ना जाने क्या कुछ कहा जिससे कि शगुन और मेरे बीच में काफी दूरियां पैदा हो गई थी हम दोनों एक दूसरे से बहुत कम ही मिला करते थे लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि यह पारुल का किया कराया है।

मुझे एक दिन वह लड़का दिखा जो शगुन के साथ तस्वीर में था मैंने उस लड़के को रोकते हुए कहा क्या तुम शगुन को जानते हो तो उसने मुझे कहा हां शगुन मेरी बहुत अच्छी दोस्त है मैंने उससे कहा लेकिन तुम शगुन को कैसे जानते हो तो वह कहने लगा हम दोनों साथ में ही पढ़ा करते थे और हम दोनों बचपन के दोस्त हैं लेकिन मुझे क्या मालूम था यह सब तो पारुल ने करवाया था। जब मैंने उस लड़के को सारी बात बताई तो वह कहने लगा शगुन कभी ऐसी थी ही नहीं शगुन हमेशा तुम्हारे बारे में मुझसे बात करती रहती है, उस लड़के का नाम रौनक है और वह लड़का बड़ा ही अच्छा है रौनक ने मुझे कहा यदि तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं आ रहा तो मैं तुम्हें अपने कुछ और दोस्तों से मिलवाता हूं वह तुम्हें सारी सच्चाई बताएंगे। उसने मुझे अपने कुछ और दोस्तों से मिलवाया उन्होंने मुझसे कहा शगुन जैसी लड़की तुम्हें मिल पाना शायद मुश्किल ही है और तुम उस पर बे वजह शक कर रहे हो मैंने उन्हें बताया की यह सब गलतफहमी की वजह से हो गया लेकिन अब इन सब बातों से शगुन को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था शगुन ने मुझसे अपने रिश्ते को पूरी तरीके से खत्म कर लिया था परंतु मैं नहीं चाहता था कि शगुन के साथ मेरा रिश्ता खत्म हो मैं उससे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं।

मैंने शगुन को बहुत मनाने की कोशिश की लेकिन वह तो जैसे अब मानने को तैयार ही नहीं थी मैंने उसे एक दिन मिलने के लिए बुलाया तो शगुन मुझसे मिलने आ गई मैंने शगुन को सॉरी कहा और कहा यह सब मेरी गलती की वजह से हुआ है यदि मैं तुम पर शक नहीं करता तो शायद यह सब नहीं होता लेकिन यह सब पारुल ने करवाया है जब मैंने शगुन से यह बात कही तो शगुन ने मुझे कहा मुझे भी तो पारुल ने तुम्हारे बारे में पता नहीं क्या कुछ कहा था। मुझे पारुल को देख कर बहुत ज्यादा गुस्सा आने लगा मैंने उसी वक्त पारुल को फोन किया और पारुल से कहा तुमने यह बहुत गलत किया तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था अब पारुल की पोल खुल चुकी थी इसलिए वह चुपचाप रही उसने कुछ भी नहीं कहा और उसने मेरा फोन काट दिया। मैंने शगुन से कहा मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रह सकता लेकिन पारुल ने मुझे रौनक के साथ तुम्हारी तस्वीर दिखाई तो मैं पूरी तरीके से शॉक्ड हो गया मुझे लगा कि शायद तुमने मुझसे झूठ कहा था। शगुन मुझसे कहने लगी तुम्हें एक बार तो मुझसे इस बारे में बात करनी चाहिए थी मैंने उससे कहा मैंने तुमसे बात की थी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि तुम्हारे और रौनक बीच में ऐसा कुछ नहीं है। पर मुझे पूरा यकीन हो चुका है की इसमें पारुल की गलती थी और पारुल की वजह से ही हम दोनों के बीच इतनी दूरियां पैदा हो गई। मैंने उस दिन शगुन को प्रपोज किया और कहा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और तुम्हारे बिना शायद मैं नहीं रह पाऊंगा शगुन ने मुझे कहा ठीक है मैंने तुम्हें माफ कर दिया लेकिन आज के बाद कभी भी तुम मुझसे झगड़ा मत करना और यदि कभी कोई ऐसी बात हम दोनों के बीच में हो जाती है तो तुम मुझसे इस बारे में पूछ सकते हो। मैंने उस वक्त शगुन को गले लगाया और हम दोनों के बीच में जो भी गिले-शिकवे थे वह सब दूर हो गए हम दोनों का रिलेशन अब पहले जैसे ही चलने लगा।

शगुन और मेरे बीच में ऐसा कुछ भी नहीं था जो हम दोनों ने एक दूसरे से छुपाया था पारुल भी हमारी जिंदगी से बहुत दूर जा चुकी थी, उसका कोई अता-पता नहीं था। मुझे इस चीज की संतुष्टि थी कि शगुन और मैं एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते है और हम दोनों के बीच इतना ज्यादा प्यार था कि हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताते एक दिन शगुन और मैं साथ में ही थे लेकिन उस दिन शगुन को मुझे छोड़ने का मन ही नहीं हो रहा था। शगुन कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ ही रुकना है मैंने शगुन से कहा नहीं शगुन तुम घर चले जाओ लेकिन उसने मुझे कहा मुझे तुम्हारे साथ ही रुकना है और आज मुझे तुमसे बात करनी है। मैंने शगुन से कहा ठीक है हम लोग कहीं रुक जाते हैं, हम लोग उस दिन साथ में ही रुक गए उस दिन बारिश तेज हो रही थी जिससे कि मौसम बड़ा सुहावना हो चुका था बिजली भी कड़क रही थी और शगुन मेरे साथ थी। हम दोनों एक ही कमरे में थे जब शगुन ने कपड़े बदले तो उसके बदन को मैं देखे जा रहा था उसकी टी-शर्ट से उसके स्तन साफ दिखाई दे रहे थे, मैंने उसके स्तनों को जब अपने हाथ से दबाया तो उसे शर्म आने लगी।

जैसे ही मैंने अपने होठों से उसके होठों को टकराया तो  वह खुश हो गई और कहने लगी बड़ा अच्छा लग रहा है उसके बाद शगुन और मैं एक दूसरे के बदन की गर्मी को महसूस करने लगे। हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे के बदन को सहलाया, मैंने शगुन के बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटा जिससे कि उसके अंदर की गर्मी बढ़ जाती। मैंने जब उसकी योनि पर अपने लंड को लगाया तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारे साथ तो आज मजा ही आ गया और जैसे ही मैंने अपने मोटे और लंबे लंड को शगुन की योनि के अंदर घुसाया तो वह चिल्लाते हुए कहने लगी मुझे तकलीफ हो रही है। उसके चिल्लाने में भी एक अलग ही अंदाज था मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मारता जिससे कि उसके अंदर की गर्मी बाहर निकल जाती और मै शगुन को बड़ी तेजी से धक्के मारता शगुन को बहुत मजा आ रहा था और वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी देर तक मजे लिए, जब मेरा वीर्य पतन शगुन की चूत के अंदर हो गया तो मुझे बडा ही अच्छा महसूस हुआ। जिससे शगुन को भी बहुत अच्छा लगा हम दोनों की जिंदगी में बहुत खुशियां हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं।

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